"हैलो... जी हां, मैं बोल रही हूं मेरे पति, डाइसुके ओशिरो... क्या हालचाल है?" सब कुछ एक फोन कॉल से शुरू हुआ। उनके पति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। पत्नी को उनकी बेगुनाही पर पूरा भरोसा था और जेल में रहते हुए वह लगातार उनकी चिंता करती रही। उस समय उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि यही उनके जीवन के अंत की शुरुआत थी...